वाह बहुत सुंदर भाई मुझे पहाड़ों से बहुत प्यार है। आपका ब्लॉग देखा कर हिमालय के नयनाभिराम दृश्य बहुत सुंदर लगते। मुझे लगता है कि ये पहाड़ मुझे अपनी ओर आकर्षित किया करते हैं। आपका ब्लॉग लगातार देखता हूं। आप उत्तराखंड के बहुत सुंदर दर्शन कराते हैं। आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
दुनिया कहती तो है,मंगल दा का गांव है,लेकिन खुद मंगल दा कभी वापस आए इस गांव में ऐसा कोई किस्सा याद नहीं हां एक बार जरूर गांव के होली के कार्यक्रम में बुलाया गया था जिसे सिरे से नकार दिया था इन्होंने इसलिए फलाने का गांव नहीं गांव कहना उचित होगा
आपके ब्लॉग का ही इंतजार कर रहा था। आपके माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति और वहां की मनमोहक सुंदरता के बारे में पता चलता है। आपका आभार। जय उत्तराखंड हर हर महादेव शिव शम्भू।👏👏🙏🙏🙏🙏🙏
मंगल दा का गांव मगर मंगल दा तो भाबर में रहते हैं। बस यही बात मन को दुखी करती है कि एक दिल से सच्चे पहाड़ी मंगल दा को पहाड़ से अलग रहना पड़ रहा है। मंगल दाज्यू बुरा न मानना मैं हृदय से आपका सम्मान करता हूं कि जहां भी रहते हैं पहाड़ आपके मन मस्तिष्क में हर क्षण रहता है।
Jai ho devbhoomi uttarakhand ❤🎉
Bahut badhiya 🎉🎉
Bahut sundar video.
Nice video ❤❤
Very nice 👍🏾👍🏾
Bahut hi Sundar video
Bahut sunder 🙏🙏
वाह बहुत सुंदर भाई मुझे पहाड़ों से बहुत प्यार है। आपका ब्लॉग देखा कर हिमालय के नयनाभिराम दृश्य बहुत सुंदर लगते। मुझे लगता है कि ये पहाड़ मुझे अपनी ओर आकर्षित किया करते हैं। आपका ब्लॉग लगातार देखता हूं। आप उत्तराखंड के बहुत सुंदर दर्शन कराते हैं। आपका बहुत बहुत धन्यवाद।
धन्यवाद पाण्डे जी 😢😢😢
बहुत सुंदर। Tiwari Ji hills.subscribed
Namaskar ji bahut badhiya video dikhate hain aap kabhi hamare ilake mein bhi aao
दुनिया कहती तो है,मंगल दा का गांव है,लेकिन खुद मंगल दा कभी वापस आए इस गांव में ऐसा कोई किस्सा याद नहीं हां एक बार जरूर गांव के होली के कार्यक्रम में बुलाया गया था जिसे सिरे से नकार दिया था इन्होंने इसलिए फलाने का गांव नहीं गांव कहना उचित होगा
आपके ब्लॉग का ही इंतजार कर रहा था। आपके माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति और वहां की मनमोहक सुंदरता के बारे में पता चलता है। आपका आभार। जय उत्तराखंड हर हर महादेव शिव शम्भू।👏👏🙏🙏🙏🙏🙏
🙏, ....👌.... 👍
हर हर महादेव
पांडे जी नमस्कार आप का ब्लॉग दो दिन से नहीं आया है
मंगल दा का गांव मगर मंगल दा तो भाबर में रहते हैं। बस यही बात मन को दुखी करती है कि एक दिल से सच्चे पहाड़ी मंगल दा को पहाड़ से अलग रहना पड़ रहा है। मंगल दाज्यू बुरा न मानना मैं हृदय से आपका सम्मान करता हूं कि जहां भी रहते हैं पहाड़ आपके मन मस्तिष्क में हर क्षण रहता है।
हनेरा नहीं है सर हुनेरा है
Are naam me chook ho gai
मंगल दा का जाडा़पानी गाँव कब दिखाओगे??