- 25
- 712 247
JK Prem Ras
India
Приєднався 22 лис 2020
Jagadguru Kripalu Prem Ras
Radhey Radhey, this channel is dedicated
towards spreading the Divine philosophy of
Devotion as propounded by Jagadguruttam
Shri Kripalu Ji Maharaj - A God Realised Saint
whose entire life was dedicated to inspiring
souls on the path of devotion to God. Through
enlightening discourses and chanting of
the holy name, Jagadguru Shri Kripalu Ji
Maharaj (lovingly called Shri Maharaj Ji by His
devotees), made unceasing efforts to reveal
the true philosophy from the Vedic scriptures
to mankind in the simplest form possible so
that they may attain their true goal of God
Realisation. Mankind was privileged to have
his physical association on this planet earth
from 1922 to 2013.
My name is Saurabh Singh
By the Grace of my Guru + For the Happiness
of my Guru
I can Do anything, Everything is
possible.
=
If you have any query then mail me
kripalu333seva@gmail.com
Radhey Radhey, this channel is dedicated
towards spreading the Divine philosophy of
Devotion as propounded by Jagadguruttam
Shri Kripalu Ji Maharaj - A God Realised Saint
whose entire life was dedicated to inspiring
souls on the path of devotion to God. Through
enlightening discourses and chanting of
the holy name, Jagadguru Shri Kripalu Ji
Maharaj (lovingly called Shri Maharaj Ji by His
devotees), made unceasing efforts to reveal
the true philosophy from the Vedic scriptures
to mankind in the simplest form possible so
that they may attain their true goal of God
Realisation. Mankind was privileged to have
his physical association on this planet earth
from 1922 to 2013.
My name is Saurabh Singh
By the Grace of my Guru + For the Happiness
of my Guru
I can Do anything, Everything is
possible.
=
If you have any query then mail me
kripalu333seva@gmail.com
पिय! मोल अमोलक लीजिये (ये बात मान कर अपना जन्म सफल कर लो अन्यथा पछताना पड़ेगा) || Braj Parikari Didi
प्रेम रस मदिरा
सिद्धांत-माधुरी (पद क्रमांक 63)
रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज
स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी
पिय मोल अमोलक लीजिये।
अस अवसर फिर नाहिँ मिलैगो, बातन मोर पतीजिये।
बनन चहत जो अमर-सुहागिनि, तन-मन-प्रानन दीजिये।
दै सरबस लै प्रेम-सुधा-रस, तेहि रस महँ नित भीजिये।
पुनि तेहि रसहिं पिवाइय औरहिं, आपुहुँ सोइ रस पीजिये।
जनम कृपालु'सफल कर लीजिय,क्यों कर? निज कर मीजिये।।
भावार्थ- अरी सखि! अनमोल श्यामसुन्दर को मोल ले ले। मानव-देह प्राप्ति-रूपी ऐसा स्वर्ण अवसर फिर नहीं मिलेगा। मेरी बात पर विश्वास कर ले। यदि तू अनन्त-काल के लिए अमर सुहागिन बनना चाहती है, तो उन्हीं श्यामसुन्दर को सदा के लिए अपना सर्वस्व दे दे। प्राकृत, तन, मन आदि देकर अनन्त काल के लिए दिव्य प्रेमानन्द का आस्वादन कर। फिर उसी प्रेमानन्द को स्वयं पीते हुए औरों को भी पिलाती जा। 'कृपालु' कहते हैं कि उपर्युक्त बात मान कर अपना जन्म सफल कर ले अन्यथा पछताना पड़ेगा।
श्रीमद् सदगुरु सरकार की जय 🙏🌷🌺🌹
श्रीमद् सदगुरु सरकार की जय 🙏🌷🌺🌹
#भक्तियोगरसावतार_जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज
#Roopdhyan_Sadhana
#JK_Prem_Ras
#Braj_Parikari_Didi
#कृपालु_प्रेम_रस
#साधना_करू_प्यारे
#kripalu_prem_ras
#कृपालु_संकीर्तन_रस
#beautifulexplanation #Krishna #bhajan #devotion #goldenwords
#JagadguruShreeKripalujiMaharaj
#devotionalbliss #Lalitkripalukishori
#Brajrasmadhuri #JkpPremrasmadira
#RadhaGovindDhamKarnal
#RadhaGovindDhamAjmer
#Jagadgurukripaluparishat #brajMayurididi
#vrindavan #barsana #bhajan #Kripalukunj
#kripalubliss #jankiPrasad #radhakunj
#divinepath #premrasmadira #Anxiety
#raseshwariDevi #Swamimukundananda
#shreedhariji
#Jagadguttamlectures
#Kripalujimaharajlectures
#sushriakhileshwarididi
#कृपालुप्रेमरस
#कृपालु_जी_प्रवचन
#kripalujipravachan
#brajparikarididi
सिद्धांत-माधुरी (पद क्रमांक 63)
रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज
स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी
पिय मोल अमोलक लीजिये।
अस अवसर फिर नाहिँ मिलैगो, बातन मोर पतीजिये।
बनन चहत जो अमर-सुहागिनि, तन-मन-प्रानन दीजिये।
दै सरबस लै प्रेम-सुधा-रस, तेहि रस महँ नित भीजिये।
पुनि तेहि रसहिं पिवाइय औरहिं, आपुहुँ सोइ रस पीजिये।
जनम कृपालु'सफल कर लीजिय,क्यों कर? निज कर मीजिये।।
भावार्थ- अरी सखि! अनमोल श्यामसुन्दर को मोल ले ले। मानव-देह प्राप्ति-रूपी ऐसा स्वर्ण अवसर फिर नहीं मिलेगा। मेरी बात पर विश्वास कर ले। यदि तू अनन्त-काल के लिए अमर सुहागिन बनना चाहती है, तो उन्हीं श्यामसुन्दर को सदा के लिए अपना सर्वस्व दे दे। प्राकृत, तन, मन आदि देकर अनन्त काल के लिए दिव्य प्रेमानन्द का आस्वादन कर। फिर उसी प्रेमानन्द को स्वयं पीते हुए औरों को भी पिलाती जा। 'कृपालु' कहते हैं कि उपर्युक्त बात मान कर अपना जन्म सफल कर ले अन्यथा पछताना पड़ेगा।
श्रीमद् सदगुरु सरकार की जय 🙏🌷🌺🌹
श्रीमद् सदगुरु सरकार की जय 🙏🌷🌺🌹
#भक्तियोगरसावतार_जगद्गुरु_श्री_कृपालु_जी_महाराज
#Roopdhyan_Sadhana
#JK_Prem_Ras
#Braj_Parikari_Didi
#कृपालु_प्रेम_रस
#साधना_करू_प्यारे
#kripalu_prem_ras
#कृपालु_संकीर्तन_रस
#beautifulexplanation #Krishna #bhajan #devotion #goldenwords
#JagadguruShreeKripalujiMaharaj
#devotionalbliss #Lalitkripalukishori
#Brajrasmadhuri #JkpPremrasmadira
#RadhaGovindDhamKarnal
#RadhaGovindDhamAjmer
#Jagadgurukripaluparishat #brajMayurididi
#vrindavan #barsana #bhajan #Kripalukunj
#kripalubliss #jankiPrasad #radhakunj
#divinepath #premrasmadira #Anxiety
#raseshwariDevi #Swamimukundananda
#shreedhariji
#Jagadguttamlectures
#Kripalujimaharajlectures
#sushriakhileshwarididi
#कृपालुप्रेमरस
#कृपालु_जी_प्रवचन
#kripalujipravachan
#brajparikarididi
Переглядів: 11 475
Відео
नाथ ! अब भटकत थकि गये पाम || Nath Ab Bhatakat Thaki Gaye Paam || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 37 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा दैन्य-माधुरी (पद क्रमांक 53) रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी नाथ ! अब भटकत थकि गये पाम | पुनि पुनि जनमि जनमि दु पायो, नहिं पायो विश्राम | जूते लात खात पति वनितनि, नहिं अबहूँ उपराम | पढ़त सुनत जानत मानत पै, मन ठानत हठ बाम | यद्यपि तव लीला गुन गावत, लेत तुम्हारोइ नाम | तदपि *‘कृपालु’* कृपालु कृपा बिनु, छुटै न इंद्रिन काम || *भा...
कहाँ हरि! सोये हमरिहिं बार (दैन्य माधुरी कीर्तन) Soye Hamarihi Baar Kaha Hari || Braj Parikari Didi
Переглядів 11 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा दैन्य-माधुरी (पद क्रमांक 26) रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी कहाँ हरि! सोये हमरिहिं बार। पतित पुकार सुनत ही धावत, नेकु न लावत बार। कारण रहित कृपालु सदा ते, जानत तोहिं संसार। कैसेहुँ पतित शरण टुक आये, राखत चरण मझार। पतितन ही सों प्यार करत नित, अस कह संत पुकार। पुनि अति पतित 'कृपालु' पेखि कत, उर निष्ठुरता धार॥ भावार्थ- हे श्या...
अहो हरि! तुम मम साहूकार | Aho Hari! Tum Mam Sahukar | Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 10 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा दैन्य-माधुरी (पद क्रमांक 11) रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी अहो हरि! तुम मम साहूकार। तुम्हरे ऋणहिं उऋण नहिं होइ सक, अगनित जनम मझार। करि करुणा करुणावरुणालय, नर तनु दिय सरकार। पुनि निज वेदन मार्ग बतायो, कीनो मम उपकार। पुनि समुझायेहु संत अनंतन, लै पुनि पुनि अवतार। कह 'कृपालु' मन तबहुँ सुन्यो नहिं, तुम ही सुनहु पुकार॥ भावार्थ-ह...
जेंवत मम सद्गुरु सरकार, गावो मिलि साधक जन जेंवनार (भोग गीत) || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 21 тис.3 роки тому
जेंवत मम सद्गुरु सरकार, गावो मिलि साधक जन जेंवनार। छप्पन व्यंजन मन नहिं भावत, साग-पात जेंवत बलिहार। लखत विविध पकवान मिठाइन, आँखि दिखावत दें फटकार। खात खात लघु बालक जनु पुनि, मटकत बहु विधि जनहिँ निहार। कबहुँक भोजन करत सभ्य बनि, कबहुँक जनु शिशु सम व्यवहार। कबहुँक दृगन ट्दि आरोगत, जनु कर कछु गम्भीर विचार। कबहुँक हँसत हँसावत कबहुँक, कबहुँ बिरावत दाँत निकार। कबहुँक खात गिरावत कबहुँक, निज पट कबहुँक आ...
राधे अधाधुंध दरबार रटे जा राधे-राधे ( ब्रज रस माधुरी अद्भुत कीर्तन ) || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 26 тис.3 роки тому
ब्रज रस माधुरी - भाग 1 राधे अधाधुंध दरबार रटे जा राधे-राधे।। जब हरि शूकर बनि आयो, पृथिवी पताल ते लायो, कब किन्यो रास विहार? रटे जा राधे-राधे। जब हरि नृसिंह बनि आयो, शंकरहूँ लखि डरपायो, कब भईं गोपिन बलिहार? रटे जा राधे-राधे। जब हरि कच्छप बनि आयो, जलनिधि मंथन करवायो, कब बजी मुरलि रिझवार? रटे जा राधे-राधे। जब हरि वामन बनि आयो, बलि बाँधि पताल पठायो, कब नाच्यो सँग ब्रजनार? रटे जा राधे-राधे। जब हरि त...
चली ललि,आजु छलन नँदलाल (किशोरी जी चली श्यामसुंदर को छलने) लीला माधुरी कीर्तन || Braj Parikari Didi
Переглядів 20 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा लीला-माधुरी रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी चली ललि,आजु छलन नँदलाल। मुकुट मयूर-पुच्छ-गुच्छन सिर, खौरि तिलक दिय भाल। दुपटी, पीतपटी, लकुटी कर, गर-गुंजन-वनमाल। छूटी लट, कानन कुंडल मुख, मुरली-शब्द रसाल। काछनि काछे कटितट अटपट, नटखट सौं चलि चाल। गोरे ग्वाल भानुपुर के बनि, गईं 'कृपालु' ढिंग लाल। भावार्थ- (लाड़ली जी का गोरे ग्वाल का...
हमारो धन, राधे जू को नाम (Radha Naam Mahima) Hamaro Dhan Radhe Ju Ko Naam || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 17 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा दैन्य-माधुरी (पद क्रमांक 101) रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी हमारो धन, राधे जू को नाम । राधे नाम प्रताप श्याम भये, रसिकन में सरनाम। राधे नाम सिद्ध कर मुरली, तानन मोह यो बाम। राधे नाम कृपा ते द्वापर, रास रच्यो ब्रजधाम। राधे नाम सुनत ही भाजत, हरि अधीर तेहि ठाम। राधे नाम रकार बिना रह, श्यामहुँ आधे श्याम। करु 'कृपालु' राधे राधे...
तन यौवन धन दिन चार रे (सिद्धांत माधुरी कीर्तन) Tan Yauvan Dhan Din Char Re || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 10 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा सिद्धांत-माधुरी रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी तन यौवन धन दिन चार रे। बड़े बड़े सुंदर तनु वारे, अंत भये जरि छार रे। बड़े बड़े यौवन मद वारे, अंत खाँय लठ मार रे। बड़े बड़े अगनित धन वारे, अंत चलत सब झार रे। बड़े बड़े जे रहे कहावत, नाम न तिन संसार रे। ताते अब 'कृपालु' बनि छोटे, भजु नित नंदकुमार रे॥ भावार्थ- अरे मन! यह शरीर, यह ...
धन्य प्रेम गोपीजन त्रिभुवन, पूरण ब्रह्म जासु भरमावत ( Gopi Prem Mahima ) || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 8 тис.3 роки тому
प्रेम रस मदिरा प्रेम-माधुरी स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी धन्य प्रेम गोपीजन त्रिभुवन, पूरण ब्रह्म जासु भरमावत। जो असंख्य ब्रह्माण्ड सृजत सो, ब्रज अहीर नँदपूत कहावत। जिनकी नेकु योगमाया ते, जगत नियंत्रित इति श्रुति गावत। उनको महरि पकरि कर-अँगुरिन, निज आँगन चलिबो सिखरावत। जिनकी कृपा कोर विधि हरि हर, कोटि कल्प तप करि नहिँ पावत उनको झटकि पटकि गोदी ते, भौंह तानि नँदरानि रुवावत। जिनकी नाम गुणावलि ...
अपनापन रखना मेरे घनश्याम (अद्भुत कीर्तन प्रकीर्ण-माधुरी) Apanapan Rakhna Mere Ghanshyam(Best Kirtan)
Переглядів 100 тис.3 роки тому
One of the very first bhajans composed by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj प्रेम रस मदिरा प्रकीर्ण-माधुरी (पद क्रमांक - १) रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी अपनापन रखना, मेरे घनश्याम। घड़ी-घड़ी पल-पल नाम तिहारो, रटे मेरी रसना मेरे घनश्याम। लली-लाल दोउ दै गरबाहीं, हमारे हिये बसना, मेरे घनश्याम। भाव-हिँडोरे डारि हिये में, झुलावूँ नित झुलना, मेर...
गुरुः कृपालुर्मम शरणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम् Guru Mero Kripalu Subhag Hamaro || Braj Parikari Didi
Переглядів 104 тис.3 роки тому
ब्रज रस माधुरी (भाग १) रचयिता एवं संगीत - जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज स्वर - सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी गुरुः कृपालुर्मम शरणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम्। मंगलमपि मंगल करणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम्। माया मोहजाल हरणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम्। त्रिगुण-त्रिताप - पाप हरणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम्। मायिक भवसागर तरणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम्। कृपया पंचकोश जरणं, वंदेऽहं सद्गुरुचरणम्। मायिक पंचक्लेश हरणं, वंदेऽहं...
अहो पिय! जब तुम्हरी बनि जैहौं (Beautiful Dainya Madhuri Kirtan) Aho Piya! Jaba Tumhari Bani Jaihaun
Переглядів 79 тис.3 роки тому
अहो पिय! जब तुम्हरी बनि जैहौं (Beautiful Dainya Madhuri Kirtan) Aho Piya! Jaba Tumhari Bani Jaihaun
मोहिं स्वामिनि! अब अपनाइये (दैन्य माधुरी कीर्तन) Mohin Swamini Ab Apnayiye | Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 17 тис.3 роки тому
मोहिं स्वामिनि! अब अपनाइये (दैन्य माधुरी कीर्तन) Mohin Swamini Ab Apnayiye | Braj Parikari Didi Ji
ऐसी पिला दे साकी, बन जाये तू हमारा | Aisi Pila De Saki Ban Jaye Tu Hamara | Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 21 тис.3 роки тому
ऐसी पिला दे साकी, बन जाये तू हमारा | Aisi Pila De Saki Ban Jaye Tu Hamara | Braj Parikari Didi Ji
दीनानाथ मोहिं काहे बिसारे (दैन्य माधुरी कीर्तन) Deenanath! Mohi Kahe Bisare || Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 73 тис.3 роки тому
दीनानाथ मोहिं काहे बिसारे (दैन्य माधुरी कीर्तन) Deenanath! Mohi Kahe Bisare || Braj Parikari Didi Ji
मन! इक दिन ऐसा आयेगा ( सिद्धान्त माधुरी कीर्तन ) | Man Ik Din Aisa Aayega | Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 14 тис.3 роки тому
मन! इक दिन ऐसा आयेगा ( सिद्धान्त माधुरी कीर्तन ) | Man Ik Din Aisa Aayega | Braj Parikari Didi Ji
अरे मन! हरि, हरिजन नहिं दोय (गुरु महिमा) Are Man! Hari, Harijana Nahin Doya ~ Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 33 тис.3 роки тому
अरे मन! हरि, हरिजन नहिं दोय (गुरु महिमा) Are Man! Hari, Harijana Nahin Doya ~ Braj Parikari Didi Ji
Charan Mahima (Special Kirtan) || चिन्तय चित्त चिरम हरि चरणं || Sushri Braj Parikari Didi Ji
Переглядів 37 тис.3 роки тому
Charan Mahima (Special Kirtan) || चिन्तय चित्त चिरम हरि चरणं || Sushri Braj Parikari Didi Ji
जाउँ गुरु, चरण कमल बलिहार | Jaun Guru Charan Kamal Balihaar | Guru Mahima || Raseshwari Devi Ji
Переглядів 19 тис.3 роки тому
जाउँ गुरु, चरण कमल बलिहार | Jaun Guru Charan Kamal Balihaar | Guru Mahima || Raseshwari Devi Ji